नया खेल
सोनी आओ मोनी आओ , संता , बंता , गोनी आओ
जोजेफ और ज़ुलेखा आओ ,मिर्ज़ा और मुनव्वर आओ
आओ खेल नया रच डालें, दुनिया को व्यापार बना लें
क्या रोटी क्या दाना- पानी, नयी पैंट या कोट पुरानी
मिलजुल कर हर चीज़ बेच लें, कच्छा फटी कमीज बेच लें
होटल और दुकान बेच लें, बेचें खेत मकान बेच लें
धर्म बेच लें कर्म बेच लें, मानवता का मर्म बेच लें
आओ पूरा शहर बेच लें,मिलजुल कर यह डगर बेच लें
नदियाँ बेचें सागर बेचें, मिल जाये तो गागर बेचें
गांव-गांव हर खेत बेच लें, कोयला बेचें रेत बेच लें
चोरी-चोरी गैस बेच लें, चुपके से पेट्रोल बेच लें
गेहूँ बेचें चावल बेचें , चल धन्नो की पायल बेचें
बेचें नियम कानून बेच लें, बनकर अफलातून बेच लें
न्यायालय का नाम बेच लें, हाथों-हाथ विधान बेच लें
सोनी तुम मंत्री बन जाओ, डट कर खूब कमीशन खाओ
विधियों की धज्जियाँ उड़ाओ,जो मिल जाये वो सब खाओ
चारा खाओ लोहा बेचो , रांची और अमरोहा बेचो
दिल्ली खाओ पटना बेचो, ऐजावल
और सतना बेचो
केरल राजस्थान बेच लें, मिलकर हिंदुस्तान बेच लें
आओ खेल नया रच डालें दुनिया को व्यापार बना लें
भाषा और भदेस बेच लें मिलजुलकर
यह देश बेच लें .
-------- 27.12.2015----------
