Sunday, 27 December 2015

               नया खेल

सोनी आओ मोनी आओ , संता , बंता , गोनी आओ
जोजेफ और ज़ुलेखा आओ ,मिर्ज़ा और मुनव्वर आओ
आओ खेल नया रच डालें, दुनिया को व्यापार बना लें
क्या रोटी क्या दाना- पानी, नयी पैंट या कोट पुरानी
मिलजुल कर हर चीज़ बेच लें, कच्छा फटी कमीज बेच लें
होटल और दुकान बेच लें, बेचें खेत मकान बेच लें 
धर्म बेच लें कर्म बेच लें, मानवता का मर्म बेच लें
आओ पूरा शहर बेच लें,मिलजुल कर यह डगर बेच लें
नदियाँ बेचें सागर बेचें, मिल जाये तो गागर बेचें
गांव-गांव हर खेत बेच लें, कोयला बेचें रेत बेच लें
चोरी-चोरी गैस बेच लें, चुपके से पेट्रोल बेच लें
गेहूँ बेचें चावल बेचें , चल धन्नो की पायल बेचें
बेचें नियम कानून बेच लें, बनकर अफलातून बेच लें
न्यायालय का नाम बेच लें, हाथों-हाथ विधान बेच लें
सोनी तुम मंत्री बन जाओ, डट कर खूब कमीशन खाओ
विधियों की धज्जियाँ उड़ाओ,जो मिल जाये वो सब खाओ
चारा खाओ लोहा बेचो , रांची और अमरोहा  बेचो
दिल्ली  खाओ पटना बेचो, ऐजावल और सतना बेचो
केरल राजस्थान बेच लें, मिलकर हिंदुस्तान बेच लें  
आओ खेल नया रच डालें दुनिया को व्यापार बना लें
भाषा और भदेस  बेच लें मिलजुलकर यह देश बेच लें .
  

-------- 27.12.2015----------

Tuesday, 22 December 2015

समझो कि  नहीं होते सभी न्याय-प्रिय
नहीं होते सभी सत्यकाम
पर याद रखो--
हर आततायी को परास्त करता  है
एक धैर्यवान   .
स्वार्थी लोगों से अधिक हैं
निःस्वार्थ जननायक ,
अधिक हैं शत्रुओं से  मित्र.

कठिन है समझना लेकिन
परिश्रम की सूखी रोटी
पकवानों से होती है अधिक
स्वादिष्ट   .

सीखो -
 हार में आत्मविश्वास ,
विजय में गरिमा  .

बचो, ईर्ष्या से
सीखो -एकांत में मुस्कुराना
जानो कि सबसे सरल है
अत्याचारी को हराना  .

ग्रहण करो पुस्तकों से ज्ञान
आत्मसात करो
प्रकृति का सौंदर्य और सत्य.

भूलो मत
छलपूर्वक सफल होने से श्रेष्ठ है
असफल हो जाना.

आस्था रखो
अपने आदर्शों पर
कोई कितना भी करे विरोध  .

रहो सज्जनों से विनम्र
दुष्टों से कठोर
स्वयं पर रखो विश्वास
सुनो....
सत्य की कसौटी पर परखो हर विचार  .

सीखो कठिनाईयों में हँसना
दुःख  को आँसू में बहाना
संदेह पर मुस्कुराना
मीठी बातों से बचना  .

लो अपने परिश्रम का मोल
रखो अपना विवेक
अपनी संवेदना अमोल  .

सत्य के मार्ग पर चलते हुये
सीखो विरोध को नकारना
उससे जूझना  .    

मत मांगो कृपा
रखो विश्वास स्वयं पर
याद रखो
तपकर बनता है सोना कुंदन  .

अंकुरित करो हृदय में
अधीर होने का साहस
वीर का धैर्य  .    

------२३.१२.२०१५ -------