Tuesday, 22 December 2015

समझो कि  नहीं होते सभी न्याय-प्रिय
नहीं होते सभी सत्यकाम
पर याद रखो--
हर आततायी को परास्त करता  है
एक धैर्यवान   .
स्वार्थी लोगों से अधिक हैं
निःस्वार्थ जननायक ,
अधिक हैं शत्रुओं से  मित्र.

कठिन है समझना लेकिन
परिश्रम की सूखी रोटी
पकवानों से होती है अधिक
स्वादिष्ट   .

सीखो -
 हार में आत्मविश्वास ,
विजय में गरिमा  .

बचो, ईर्ष्या से
सीखो -एकांत में मुस्कुराना
जानो कि सबसे सरल है
अत्याचारी को हराना  .

ग्रहण करो पुस्तकों से ज्ञान
आत्मसात करो
प्रकृति का सौंदर्य और सत्य.

भूलो मत
छलपूर्वक सफल होने से श्रेष्ठ है
असफल हो जाना.

आस्था रखो
अपने आदर्शों पर
कोई कितना भी करे विरोध  .

रहो सज्जनों से विनम्र
दुष्टों से कठोर
स्वयं पर रखो विश्वास
सुनो....
सत्य की कसौटी पर परखो हर विचार  .

सीखो कठिनाईयों में हँसना
दुःख  को आँसू में बहाना
संदेह पर मुस्कुराना
मीठी बातों से बचना  .

लो अपने परिश्रम का मोल
रखो अपना विवेक
अपनी संवेदना अमोल  .

सत्य के मार्ग पर चलते हुये
सीखो विरोध को नकारना
उससे जूझना  .    

मत मांगो कृपा
रखो विश्वास स्वयं पर
याद रखो
तपकर बनता है सोना कुंदन  .

अंकुरित करो हृदय में
अधीर होने का साहस
वीर का धैर्य  .    

------२३.१२.२०१५ -------



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