अभी निबाह छलावों से कर रहा हूँ मैं
किरण से प्यार है सूरज से डर
रहा हूँ मैं
मुझे न देख मेरे हौसले को
कह शाबाश
नहीं हैं पाँव तो
घुटनों पे चल रहा हूँ मैं
हर इक फ़रेब पे जी भर के
मुस्कुराता हूँ
गो सोचता हूँ कि आदत बदल
रहा हूँ मैं
----------मनोज कुमार---
----------मनोज कुमार---

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